आग की गोला बनी यात्रियों से भरी बस ;26 की मौत;8 घायल
समृद्धि मार्ग पर हुए बस हादसे में 26 यात्रियों की मौत
DT न्यूज /स्वदेश मालवीय
बुलढाना: समृद्धि हाईवे पर एक निजी यात्री बस के दुर्घटनाग्रस्त होने और बस में आग लगने से बस में सवार 26 लोगों की मौत हो गई है। यह भयानक हादसा रात करीब 1.30 बजे सिंदखेड राजा के पास पिंपलखुटा फाटा के पास हुआ। इस बीच हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़ने की आशंका है.
एक निजी यात्री बस नागपुर से पुणे जा रही थी. सिंदखेड राजा के पास टायर फटने से बस सड़क पर पलट गई। इसी दौरान सीमेंट रोड पर घर्षण के कारण बस का पेट्रोल टैंक फट गया जिससे पूरी बस में आग लग गई। धीरे-धीरे आग और लाल हो गोला के रूप में बदल गई। बस से चीखने चिल्लाने की आवाज आती रही लेकिन कुछ समय के बाद आवाज दबती चली गई। घटना स्थल से जानकारों ने पुलिस कंट्रोल रूम में फोन किया ।पुलिस सूत्रों की माने तो जलती बस से यात्री बाहर नहीं निकल सके।
इसके बाद, सुबह करीब पांच बजे जिला पुलिस अधीक्षक सुनील कड़ासेन भी मौके पर पहुंच गये हैं। बरहाल छह से अधिक एंबुलेंस, सिंदखेड राजा, किनगांव राजा के साथ-साथ निकटवर्ती पुलिस स्टेशन के पुलिसकर्मी मौके पर पहुंच गए हैं। बस में यात्रियों के पूरी तरह से जलने से शव की शिनाख्त नहीं हो पा रही है। जिसका की अभी भी काम चल रहा है। पुलिस सूत्रों की माने कि डीएनए टेस्ट को लेकर जिला सर्जन से बातचीत की जा रही है।
विदर्भ ट्रेवल्स की बस एमएच 29 बीई-1819 क्रमांक की थी 30 जून को यह बस शाम 5 बजे नागपुर से पुणे के लिए रवाना हुई। 1 जुलाई की रात 1.22 बजे चलती बस का अगला टायर अचानक निकल गया और वह ट्रेवल्स बस समृद्धि हाईवे के पास पुल के डिवाइडर से टकराकर पलट गई। शुरुआती अनुमान के मुताबिक 33 यात्री थे। जिसमे से 26 यात्रियों की मौत हो गई है।बाकियों आठ घायल यात्रियों का इलाज, सिंदखेड़ाराजा में इलाज चल रहा है।
दोपहर के भोजन के लिए यह बस कारंजा में कुछ देर के लिए रुकी थी। उसके बाद कारंजा के पास इंटरचेंज से समृद्धि हाईवे पुणे की ओर रवाना हो गई थी। हादसे की जानकारी मिलते ही पुलिस विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंच गए. फायर ब्रिगेड की गाड़ी से ट्रैवेल्स ने आग बुझाई। प्रशासन की ओर से यात्रा हादसे में मारे गए यात्रियों के शवों को बाहर निकालने का काम जारी है।
पुलिस कंट्रोल रूम ने इस बस में सवार यात्रियों की सूची नागपुर से मंगाई गई है। हालांकि, पुलिस कर्मियों की माने तो मृतक की पहचान के लिए डीएनए टेस्ट के अलावा कोई विकल्प नहीं है।
चूंकि यह बस वातानुकूलित है, इसलिए हादसे के बाद बस का दरवाजा बंद कर दिया गया। जिससे यात्री बाहर नहीं निकल सके। इसलिए कहा जा रहा है कि हादसे में मृतकों की संख्या बढ़ गई है. हादसे के बाद बस का शीशा टूट जाने से बस चालक और क्लीनर बाहर निकलने में सफल रहे। यह बात सामने आई है कि उन्हें हादसे की जानकारी 108 एंबुलेंस पर कॉल करने के बाद मिली।सूत्रों की माने तो मुख्यमंत्री को मिली इस जानकारी में मृतकों के रिश्तेदारों को 5/5 लाख रुपए की राशि देने की घोषणा की गई है।






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